{"type":"rich","version":"1.0","provider_name":"Transistor","provider_url":"https://transistor.fm","author_name":"Pratidin Ek Kavita","title":"Neev Ki Int Ho Tum Didi | Uday Prakash","html":"<iframe width=\"100%\" height=\"180\" frameborder=\"no\" scrolling=\"no\" seamless src=\"https://share.transistor.fm/e/03064f75\"></iframe>","width":"100%","height":180,"duration":245,"description":"नींव की ईंट हो तुम दीदी | उदय प्रकाश\nपीपल होतीं तुम \nपीपल, दीदी\nपिछवाड़े का, तो\nतुम्हारी ख़ूब घनी-हरी टहनियों में\nहारिल हम\nबसेरा लेते।\nहारिल होते हैं हमारी तरह ही\nघोंसले नहीं बनाते कहीं\nबसते नहीं कभी\nदूर पहाड़ों से आते हैं\nदूर जंगलों को उड़ जाते हैं।\nपीपल की छाँह\nतुम्हारी तरह ही\nठंडी होती है दोपहर।\nढिबरी थीं दीदी तुम\nहमारे बचपन की\nअचार का तलछट तेल\nअपनी कपास की बाती में सोखकर\nजलती रहीं।\nहमने सीखे थे पहले-पहल अक्षर\nऔर अनुभवों से भरे किस्से \nतुम्हारी उजली साँस के स्पर्श में।\nजलती रहीं तुम\nतुम्हारा धुआँ सोखती रहीं\nघर की गूँगी दीवारें\nछप्पर के तिनके-तिनके\nधुँधले होते गये\nऔर तुम्हारी\nथोड़ी-सी कठिन रोशनी में\nहम बड़े होते रहे।\nनदी होतीं, तो\nहम मछलियाँ होकर\nकिसी चमकदार लहर की\nउछाह में छुपते\nकभी-कभी बूँदें लेते\nसीपी बन\nकिनारों पर चमकते।\nचट्टान थीं दीदी तुम\nसालों पुरानी।\nतुम्हारे भीतर के ठोस पत्थर में\nजहाँ कोई सोता नहीं निझरता,\nहमीं पैदा करते थे हलचल\nहमीं उड़ाते थे पतंग।\nचट्टान थीं तुम और\nतुम्हारी चढ़ती उम्र के ठोस सन्नाटे में\nहमीं थे छोटे-छोटे पक्षी \nउड़ते तुम्हारे भीतर\nवहाँ झूले पड़े थे हमारी ख़ातिर \nगुड्डे रखे थे हमारी ख़ातिर \nमालदह पकता था हमारी ख़ातिर\nहमारी गेंदें वहाँ\nगुम हो गयी थीं।\nदीदी, अब \nअपने दूसरे घर की \nनींव की ईंट हुईं तुम तो \nतुम्हारी नयी दुनिया में भी \nहोंगी कहीं हमारी खोई हुई गेंदें \nहोंगे कहीं हमारे पतंग और खिलौने\nअब तो ढिबरी हुईं तुम\nनये आँगन की\nकोई और बचपन\nचीन्हता होगा पहले-पहल अक्षर\nसुनता होगा किस्से\nऔर यों\nदुनिया को समझता होगा।\nहमारा क्या है, दिदिया री!\nहारिल हैं हम तो\nआएँगे बरस-दो बरस में कभी\nदो-चार दिन\nमेहमान-सा ठहरकर\nफिर उड़ लेंगे कहीं और।\nघोंसले नहीं बनाये हमने\nबसे नहीं आज तक।\nकठिन है \nहमारा जीवन भी \nतुम्हारी तरह ही।","thumbnail_url":"https://img.transistorcdn.com/CI1fAMbZA7bkv2hnc9u5BTEVfgUAS1MWnukNGfD53r4/rs:fill:0:0:1/w:400/h:400/q:60/mb:500000/aHR0cHM6Ly9pbWct/dXBsb2FkLXByb2R1/Y3Rpb24udHJhbnNp/c3Rvci5mbS9zaG93/LzQwNDQzLzE2ODA1/MzYzNTQtYXJ0d29y/ay5qcGc.webp","thumbnail_width":300,"thumbnail_height":300}