{"type":"rich","version":"1.0","provider_name":"Transistor","provider_url":"https://transistor.fm","author_name":"Pratidin Ek Kavita","title":"Aurat Ki Ghulami | Sheoraj Singh 'Bechain'","html":"<iframe width=\"100%\" height=\"180\" frameborder=\"no\" scrolling=\"no\" seamless src=\"https://share.transistor.fm/e/0e77758b\"></iframe>","width":"100%","height":180,"duration":208,"description":"औरत की गुलामी | डॉ श्योराज सिंह ‘बेचैन’ \n\nकिसी आँख में लहू है-\nकिसी आँख में पानी है।\nऔरत की गुलामी भी-\nएक लम्बी कहानी है।\nपैदा हुई थी जिस दिन-\nघर शोक में डूबा था।\nबेटे की तरह उसका-\nउत्सव नहीं मना था।\nबंदिश भरा है बचपन-\nबोझिल-सी जवानी है।\nऔरत की गुलामी भी-\nएक लम्बी कहानी है।\nतालीम में कमतर है--\nबाहरी हवा ज़हर है।\nलड़का कहीं भी जाए-\nउस पर कड़ी नज़र है।\nउसे जान गँवा कर भी-\nहर रस्म निभानी है।\nऔरत की गुलामी भी-\nएक लम्बी कहानी है।\nकभी अग्नि परीक्षा में-\nऔरत ही तो बैठी थी।\nहोती थी जब सती तो-\nऔरत ही तो होती थी।\nउसी जुल्म की बकाया--\nपर्दा भी निशानी है।\nऔरत की गुलामी भी-\nएक लम्बी कहानी है।\nकानून समाजों के-\nएकतरफा नसीहत है।\nजिसे दिल से नहीं चाहा-\nवही प्यार मुसीबत है।\nदौलत-पसन्द दुनिया-\nमतलब की दीवानी है।\nऔरत की गुलामी भी-\nएक लम्बी कहानी है।\nअब वक़्त है वो अपने-\nआयाम ख़ुद बनाये।\nतालीम हो या सर्विस-\nअपने हकूक पाये।\nमिलजुल के विषमता-\nकी दीवार गिरानी है।\nऔरत की गुलामी भी-\nएक लम्बी कहानी है।\nससुराल सताये फिर-\nमुमकिन ही नहीं होगा।\nस्टोव जलाये फिर-\nमुमकिन ही नहीं होगा।\nदिन-चैन के आएँगे-\nयह रात तो जानी है।\nऔरत की गुलामी भी-\nएक लम्बी कहानी है।","thumbnail_url":"https://img.transistorcdn.com/CI1fAMbZA7bkv2hnc9u5BTEVfgUAS1MWnukNGfD53r4/rs:fill:0:0:1/w:400/h:400/q:60/mb:500000/aHR0cHM6Ly9pbWct/dXBsb2FkLXByb2R1/Y3Rpb24udHJhbnNp/c3Rvci5mbS9zaG93/LzQwNDQzLzE2ODA1/MzYzNTQtYXJ0d29y/ay5qcGc.webp","thumbnail_width":300,"thumbnail_height":300}