{"type":"rich","version":"1.0","provider_name":"Transistor","provider_url":"https://transistor.fm","author_name":"Pratidin Ek Kavita","title":"Kasbon Mein Chal Pustakalay | Anamika","html":"<iframe width=\"100%\" height=\"180\" frameborder=\"no\" scrolling=\"no\" seamless src=\"https://share.transistor.fm/e/2562bf32\"></iframe>","width":"100%","height":180,"duration":240,"description":"क़स्बों में चल पुस्तकालय ।  अनामिका \n\nभाषाविद तो मैं नहीं हूँ,\nपर बचपन में अक्सर ही सोचती थी मैं-\nहमारी तरफ़ रूठ जाने को क्यों कहते हैं रूस जाना ।\nऔरतें हमारी तरफ़ की \nरह- रह कर क्यों रूस जाती हैं ।\nऐसा क्या आकर्षण है सोवियत रूस में \nक्या उसका आकर्षण है वे किताबें \nजो सुन्दर हिंदी अनुवादों में \nलाती है, चल पुस्तकालय की बड़ी बड़ी वैनें\nजब देखो तब  रूस जाने को तैयार\nकस्बे की ये उदास औरतें \nजाओ वहाँ न जाने कहाँ \nलाओ उसे न जाने किसे\nज़ार निकोलाई कहता था \nदाँत पीसकर जब किसानों से \nरूठी हुई औरतें सुनतीं \nमन ही मन कुछ ठानकर कहतीं \nहम भी अनंत यात्रा पर निकल जाएँगी \nहमको अनंत यात्रा पर \nलिए जाएँगी ये किताबें \nजो आयीं हैं हमसे मिलने \nचल पुस्तकालय की बड़ी गाड़ियों में\nएक - दूसरे से कंधे भिड़ाती,\nआपस में हँसती- बतियाती किताबें \nजैसे कि वृद्धाएँ-\nकिसी तीर्थयात्रा की बस में सवार \nएकदम मगन मन में,\nसोचती हुई ये कि \nएक पिकनिक तो हुई जीवन में ।\nचल पुस्तकालय की इन गाड़ियों में \nसट- सटकर बैठे हुए दीखते थे \nवेद और क़ुरान, टॉल्सटॉय, चेखव, रवीन्द्र और प्रेमचंद,\nयशपाल, स्वेताएवा और जैनेन्द्र ।\nछरियाकर घर से निकल आयी \nऔरतों के जीवन का \nपहला और अंतिम रोमांस थीं किताबें ।\nहाथों में पुस्तक आते ही \nधीरे - धीरे उनकी साँसों में \nउगने लगती थी नरम दूब \nपहली बारिश से नहायी हुई ।\nलंबी- लंबी साँसें खींचने लगती थीं वे \nजैसे कि पूरी धरती की सुगन्ध \nखींच लेनी हो इसी वक़्त \n कल किसने देखा है ।\nइन गुप्त किताबी सुरंगों का धन्यवाद \nइनसे ही होती हुई तो \nकहाँ से कहाँ निकल गईं\nदुनिया से रूठी,\nअन्यायों से टूटी \nसब औरतें ।\nकहाँ से कहाँ निकल गईं-\nइसका इतिहास है गवाह! \nकहीं तो पहुँचती है अक्सर \nबेकस की आह।","thumbnail_url":"https://img.transistorcdn.com/CI1fAMbZA7bkv2hnc9u5BTEVfgUAS1MWnukNGfD53r4/rs:fill:0:0:1/w:400/h:400/q:60/mb:500000/aHR0cHM6Ly9pbWct/dXBsb2FkLXByb2R1/Y3Rpb24udHJhbnNp/c3Rvci5mbS9zaG93/LzQwNDQzLzE2ODA1/MzYzNTQtYXJ0d29y/ay5qcGc.webp","thumbnail_width":300,"thumbnail_height":300}