{"type":"rich","version":"1.0","provider_name":"Transistor","provider_url":"https://transistor.fm","author_name":"Pratidin Ek Kavita","title":"Tumse Milne Par | Sunil Gangopadhyay ","html":"<iframe width=\"100%\" height=\"180\" frameborder=\"no\" scrolling=\"no\" seamless src=\"https://share.transistor.fm/e/2cf4a9bc\"></iframe>","width":"100%","height":180,"duration":121,"description":"तुमसे मिलने पर | सुनील गंगोपाध्यायअनुवाद : रोहित प्रसाद पथिकतुमसे मिलने परमैं पूछता हूँ :तुम मनुष्य से प्रेम नहीं करते हो,पर देश से क्यों प्रेम करते हो?देश तुम्हें क्या देगा?देश क्या ईश्वर के जैसा है कुछ?तुमसे मिलने परमैं पूछता हूँ :बंदूक़ की गोली ख़रीदने के बादप्राण देने पर देश कहाँ पर होगा?देश क्या जन्म-स्थान की मिट्टी हैया कि काँटेदार तार की सीमा?बस से उतरकरजिसकी तुमने हत्या कीक्या उसका देश नहीं?तुमसे मिलने परमैं पूछता हूँ :तुम किस तरह समझे कि मैं तुम्हारा शत्रु हूँ?किसी प्रश्न का उत्तर न देने परक्या तुम मेरी तरफ़ रायफ़ल घुमाओगे?इस तरह के भीप्रेमहीन देशप्रेमी होते हैं!","thumbnail_url":"https://img.transistorcdn.com/CI1fAMbZA7bkv2hnc9u5BTEVfgUAS1MWnukNGfD53r4/rs:fill:0:0:1/w:400/h:400/q:60/mb:500000/aHR0cHM6Ly9pbWct/dXBsb2FkLXByb2R1/Y3Rpb24udHJhbnNp/c3Rvci5mbS9zaG93/LzQwNDQzLzE2ODA1/MzYzNTQtYXJ0d29y/ay5qcGc.webp","thumbnail_width":300,"thumbnail_height":300}