{"type":"rich","version":"1.0","provider_name":"Transistor","provider_url":"https://transistor.fm","author_name":"Pratidin Ek Kavita","title":"Ek Bijooke Ki Prem Kahani | Anamika","html":"<iframe width=\"100%\" height=\"180\" frameborder=\"no\" scrolling=\"no\" seamless src=\"https://share.transistor.fm/e/575a5e1c\"></iframe>","width":"100%","height":180,"duration":240,"description":"एक बिजूके की प्रेम कहानी | अनामिका \n\nमैं हूँ बिजूका \nएक ऐसे खेत का\nजिसमें सालों से कुछ नहीं उगा\nबेकार पड़ा पड़ा धसक गया है मेरा \nहाड़ी सा गोल गोल माथा, उखड़ गई हैं मूँछें लचक गए हैं कंधे\nएक तरफ़ झूल गया है कुर्ता \nकुर्ते की जेबी में चुटुर- पुटुर करती है लेकिन \nनीले पीले पंखों वाली इक छोटी-सी चिड़िया\nएक वक़्त था जब यह चिड़िया मुझ से बहुत डरती थी\n\nधीरे-धीरे उसका डर निकल गया\nकल मेरी जेबी में अंडे दिए उसने \nमेरे भरोसे ही उन्हें छोड़ कर जाती है वह दाना लाने\nबहुत दूर\nनया नया है मेरी ख़ातिर भरोसे का कोमल एहसास\nकाठ के कलेजे में मेरे बजने लगा है इकतारा\nदूर तलक है उजाड़ मगर यह जो चटकने चमकने लगी है बूटी भरोसे की\n\nउसकी ही मूक प्रार्थना फूली है शायद कि बदलियाँ उमड़ आई हैं अचानक\nखिल जाएंगी बूटियाँ अब तो\nबस जाएगा फिर से यह उजड़ा दयार\nलेकिन जब खेत हरे हो जाएँगे\nमुझको फिर से भयावह बना देंगे खेतों के मालिक\nहाड़ी मुख पर मेरे कोलतार पोतेंगे\nलाल नेल पॉलिश से आँखें बनाएँगी ख़ून टपकती हुई, मक्के के मूंछों पर लस्सा लगाकर मुझे बनाएंगे ख़ूब कड़क \nढह जाएगी तब तो मेरी निरीहता \nजब मैं भयावह हो जाऊंगा फिर से \nडर जाएगी मेरी चिड़िया मुझी से \nऔर दूर उड़ जाएगी सदा के लिए \nक्या बेबसी प्यार का घर है\nप्यार हमदर्द नगर है?","thumbnail_url":"https://img.transistorcdn.com/CI1fAMbZA7bkv2hnc9u5BTEVfgUAS1MWnukNGfD53r4/rs:fill:0:0:1/w:400/h:400/q:60/mb:500000/aHR0cHM6Ly9pbWct/dXBsb2FkLXByb2R1/Y3Rpb24udHJhbnNp/c3Rvci5mbS9zaG93/LzQwNDQzLzE2ODA1/MzYzNTQtYXJ0d29y/ay5qcGc.webp","thumbnail_width":300,"thumbnail_height":300}