{"type":"rich","version":"1.0","provider_name":"Transistor","provider_url":"https://transistor.fm","author_name":"Pratidin Ek Kavita","title":"Sainik Pati Ke Prati | Kalyani Sen | Dr Deoshankar Naveen","html":"<iframe width=\"100%\" height=\"180\" frameborder=\"no\" scrolling=\"no\" seamless src=\"https://share.transistor.fm/e/6176add0\"></iframe>","width":"100%","height":180,"duration":192,"description":"सैनिक पति के प्रति - कल्याणी सेन\nतुम फ़ौजी वर्दी में सजे हुए घर आये \nऔर तुमने अपनी माँ से कहा - कल सुबह चला जाऊँगा \nपता नहीं बन्दूक, राइफ़लों के जंगल से \nकब लौट कर आऊँगा \nतो मैंने \nलाल फूलों की माला \nतुम्हें नहीं पहनाई \nमैंने चन्दन तिलक \nतुम्हें नहीं लगाया \nनहीं की तुम्हारी आरती-वंदना \nया तुम्हारे सकुशल लौट आने की पूजा और प्रार्थना \n\nबिना पते-ठिकाने की \nआती हैं तुम्हारी चिट्ठियाँ \nसीमा पर बंद है युद्ध \nबीत चुकी हैं सर्दियाँ \nगर्मी आ गई है \nपिघल रहा है हिमालय का बर्फ़ \nहवा में फिर लू-लपट भर आई है \nअब कुछ ही दिनों में मानसून फटेगा \nबरसात आ जायेगी \nआसमान में बादल छटेगा \nमुझे पता नहीं तुम कब वापस आओगे \nबिना पते-ठिकाने की \nआती हैं तुम्हारी चिट्ठियाँ \n\nमगर सुनों, \nकान में कहती हूँ\nतुम आ रहे हो \nनन्हें से शिशु बनकर \nबहुत जल्दी आ रहे हो \nअपने साथ नया युग, नए गीत ला रहे हो \nइस गीत और इस युग का प्रणाम तुम्हे भेजती हूँ \nआगत शिशु की हर मुस्कान तुम्हें भेजती हूँ \n\nजब तुम आओगे \nतीन युग और तीन गीत तुम्हारा \nस्वागत करेंगे \nतुम्हारी माँ की ज्योतिहीन आँखों में \nउजाला भर आएगा \nतुम्हारी पत्नी का आश्वस्त चेहरा ख़ुशी के आँसू से \nगीला हो जायेगा \nऔर तुम्हारा नन्हा सा शिशु \nतुम्हारी बाँहों में मुस्कुराएगा\nमुस्कुराता जाएगा \n\nकभी समाप्त नहीं होगी \nउसकी मुस्कान। ","thumbnail_url":"https://img.transistorcdn.com/CI1fAMbZA7bkv2hnc9u5BTEVfgUAS1MWnukNGfD53r4/rs:fill:0:0:1/w:400/h:400/q:60/mb:500000/aHR0cHM6Ly9pbWct/dXBsb2FkLXByb2R1/Y3Rpb24udHJhbnNp/c3Rvci5mbS9zaG93/LzQwNDQzLzE2ODA1/MzYzNTQtYXJ0d29y/ay5qcGc.webp","thumbnail_width":300,"thumbnail_height":300}