{"type":"rich","version":"1.0","provider_name":"Transistor","provider_url":"https://transistor.fm","author_name":"Pratidin Ek Kavita","title":"Meri Duniya Ke Tamaam Bacche | Adnan Kafeel Darwesh","html":"<iframe width=\"100%\" height=\"180\" frameborder=\"no\" scrolling=\"no\" seamless src=\"https://share.transistor.fm/e/6659765d\"></iframe>","width":"100%","height":180,"duration":173,"description":"मेरी दुनिया के तमाम बच्चे / अदनान कफ़ील दरवेशवो जमा होंगे एक दिन और खेलेंगे एक साथ मिलकरवो साफ़-सुथरी दीवारों परपेंसिल की नोक रगड़ेंगेवो कुत्तों से बतियाएँगेऔर बकरियों सेऔर हरे टिड्डों सेऔर चीटियों से भी..वो दौड़ेंगे बेतहाशाहवा और धूप की मुसलसल निगरानी मेंऔर धरती धीरे-धीरेऔर फैलती चली जाएगीउनके पैरों के पास..देखना!वो तुम्हारी टैंकों में बालू भर देंगेऔर तुम्हारी बन्दूकों कोमिट्टी में गहरा दबा देंगेवो सड़कों पर गड्ढे खोदेंगे और पानी भर देंगेऔर पानियों में छपा-छप लोटेंगे...वो प्यार करेंगे एक दिन उन सबसेजिससे तुमने उन्हें नफ़रत करना सिखाया हैवो तुम्हारी दीवारों मेंछेद कर देंगे एक दिनऔर आर-पार देखने की कोशिश करेंगेवो सहसा चीख़ेंगे !और कहेंगे —“देखो ! उस पार भी मौसम हमारे यहाँ जैसा ही है”वो हवा और धूप को अपने गालों के गिर्दमहसूस करना चाहेंगेऔर तुम उस दिन उन्हें नहीं रोक पाओगे!एक दिन तुम्हारे महफ़ूज़ घरों से बच्चे बाहर निकल आएँगेऔर पेड़ों पे घोंसले बनाएँगेउन्हें गिलहरियाँ काफ़ी पसन्द हैंवो उनके साथ बड़ा होना चाहेंगे..तुम देखोगे जब वो हर चीज़ उलट-पुलट देंगेउसे और सुन्दर बनाने के लिए..एक दिन मेरी दुनिया के तमाम बच्चेचीटियों, कीटोंनदियों, पहाड़ों, समुद्रोंऔर तमाम वनस्पतियों के साथ मिलकर धावा बोलेंगेऔर तुम्हारी बनाई हर चीज़ कोखिलौना बना देंगे..","thumbnail_url":"https://img.transistorcdn.com/CI1fAMbZA7bkv2hnc9u5BTEVfgUAS1MWnukNGfD53r4/rs:fill:0:0:1/w:400/h:400/q:60/mb:500000/aHR0cHM6Ly9pbWct/dXBsb2FkLXByb2R1/Y3Rpb24udHJhbnNp/c3Rvci5mbS9zaG93/LzQwNDQzLzE2ODA1/MzYzNTQtYXJ0d29y/ay5qcGc.webp","thumbnail_width":300,"thumbnail_height":300}