{"type":"rich","version":"1.0","provider_name":"Transistor","provider_url":"https://transistor.fm","author_name":"Pratidin Ek Kavita","title":"Kavi Ki Atmahatya | Devansh Ekant","html":"<iframe width=\"100%\" height=\"180\" frameborder=\"no\" scrolling=\"no\" seamless src=\"https://share.transistor.fm/e/68ce4d97\"></iframe>","width":"100%","height":180,"duration":161,"description":"कवि की आत्महत्या | देवांश एकांत \n\nअभिनेता अभिनय करते-करते \nमृत्यु का मंचन करने लगता है\nआप उन्मत्त होते हैं अभिनय देख\nपीटना चाहते हैं तालियाँ \nमगर इस बार वह नही उठता\nक्योंकि जीवन के रंगमंच में \nएक ही ‘कट-इट’ होता है\n\nकोई हँसते-हँसाते \nशहर के पुल से छलाँग लगा देता है \nऔर तब पिता के साथ \nनवका विहार में आया लड़का जान पाता है\nपानी की सतह पर मछलियाँ ही नहीं\nआदमी भी तैरता है\n\nहर वजन को अपनी हद में रखने वाला वैज्ञानिक\nआत्मा के ख़ालीपन से दबकर मर जाता है,\n\nकुछ घरों में उजाला सूरज से नही \nकई दिनों बाद गरम रोटी की चमक से होता है \nसुबह रात के जाने से नही \nमजूर बाप के आधी रात लौटने से होती है \nमाफ़ कीजिए ये दरअसल घर नही हैं\nसंग्रहालयों में रखे चित्र की व्याख्या है\nआपने यह चित्र जीवंत देखा क्या ?\n\nमेरी आँखों का कालापन \nशायद राख है काफ़्का के उन पत्रों की\nजो उसने मिलेना को भेजने से पहले\nअपनी हीनता के बोध में जला डाले होंगे\n\nरात्रि के झींगुर नाद के मध्य\nजब तुम कर रहे होगे \nअपनी कविताओं में कांट छाँट\nतुम अचानक पाओगे कि \nमुक्ति का साधक मुक्तिबोध\nसबसे अधिक बंधा था बेड़ियों में \nब्रह्मराक्षस आज भी करता है \nनरक में उसका पीछा\n\nदेह में रक्त ही नही \nप्रतीक्षा भी दौड़ती है \nरक्तचाप से अधिक \nप्रतीक्षा झँझोड़ती है \nयह मैंने ड्योढ़ी पे बैठे उस दरवेश से जाना\nबह गयी जिसकी प्रेमिका गाँव की बाढ़ में \nजल्द लौटने का वादा कर\n\nभीतर की एक-एक नस \nथरथरा उठती है यह सोचकर कि \nएक दिन नही होगी माँ, नहीं होंगे पिता\nतब कौन पुकारेगा बेटा\nतब कौन लेगा भूख का संज्ञान\nयह सोचते-सोचते\nहर रात मेरे भीतर का कवि\nकर लेता है आत्महत्या।","thumbnail_url":"https://img.transistorcdn.com/CI1fAMbZA7bkv2hnc9u5BTEVfgUAS1MWnukNGfD53r4/rs:fill:0:0:1/w:400/h:400/q:60/mb:500000/aHR0cHM6Ly9pbWct/dXBsb2FkLXByb2R1/Y3Rpb24udHJhbnNp/c3Rvci5mbS9zaG93/LzQwNDQzLzE2ODA1/MzYzNTQtYXJ0d29y/ay5qcGc.webp","thumbnail_width":300,"thumbnail_height":300}