{"type":"rich","version":"1.0","provider_name":"Transistor","provider_url":"https://transistor.fm","author_name":"Pratidin Ek Kavita","title":"Chipe Raho Bheetar Hi | Nilesh Raghuvanshi ","html":"<iframe width=\"100%\" height=\"180\" frameborder=\"no\" scrolling=\"no\" seamless src=\"https://share.transistor.fm/e/6d86b105\"></iframe>","width":"100%","height":180,"duration":190,"description":"छिपे रहो भीतर ही | नीलेश रघुवंशी फर्स्ट अप्रैल, शनिवार, 2000, आधी रातकुछ-कुछ हो रहा है मुझे, शायद तुम अब आने वाले होसारी दुनिया के बच्चे, सबके सो जाने के बाद ही, क्यों सोचते हैं आने के बारे मेंमेरे एकदम पास, तुम्हारे पापा सोए हुए हैंक्या उन्हें जगाकर बता देना चाहिए कि तुम आने वाले होबहुत गहरी नींद में हैं वो-अभी उनमें एक नन्हा-मुन्ना दिख रहा हैपरी नन्ही-सी या नन्हा-सा राजकुमार, फिर वही बातपूरे नौ महीने एक ही बात, तुम हो कौन सुंदर रहस्यदर्द बढ़ता जा रहा है, समझ नहीं आ रहा कुछतुम्हारे जन्म से पहले का दर्द है या यूँ ही-बस महीने जैसा दर्द हो रहा हैतुम क्यों उत्पात मचा रहे हो, दर्द के साथ-साथ जान निकली जा रही है मेरीओह श्रीराज...दबी-घुटी चीख निकल ही गईअरे रे, श्रीराज तो पसीने-पसीने हो रहे हैं, लगता है बहुत तेज़ बारिश होने वाली हैबिजली कड़के इससे पहले ही छुप जाते हैं हम दोनोंछिपे रहो तुम भी भीतर ही...दीये की लौ की तरह जलते-बुझते-टिमटिमाते दर्द हो रहे हैंये दर्द हैं, या जान लेने का सुंदर सजीव तरीक़ाअस्पताल पहुँच ही गई मैं, आसपास मेरे डॉक्टर्स और नर्सरात साढ़े बारह से शुरू हुई यह यात्रा, शाम के पाँच बजे तकरुकने का नाम ही नहीं ले रहीयह तो नरक है, नरक! जन्म देना, एक यातना से गुज़रना हैयह क्या दे रहे हो तुम अपनी माँ को?आँखें मुँदी जा रही हैं अब एक-एक कर, मेरे आसपास, जो मेरे अपने थे, कमरे में रह गएडॉक्टर्स और नर्सों के साथ लेबर-रूम में जा रही हूँ मैंप्रसवपीड़ा को कोई और नाम देना चाहिएये ये ये...तुम्हारे रोने की आवाज़ सुनाई दीरोने की आवाज़ से मुझे लग रहा है, तुम नन्हे-से बदमाश राजकुमार होइतनी ज़ोर से क्यों रो रहे हो बेटे?अप्रैल फूल बनाया तुमने-दिन शनिवार, शाम छह बजकर उनचास मिनटठीक इसी समय तो शाम आती है अपने घर की छत परमुस्करा रही होगी शाम और सूरज सुस्ता रहा होगा मेरी तरह !","thumbnail_url":"https://img.transistorcdn.com/CI1fAMbZA7bkv2hnc9u5BTEVfgUAS1MWnukNGfD53r4/rs:fill:0:0:1/w:400/h:400/q:60/mb:500000/aHR0cHM6Ly9pbWct/dXBsb2FkLXByb2R1/Y3Rpb24udHJhbnNp/c3Rvci5mbS9zaG93/LzQwNDQzLzE2ODA1/MzYzNTQtYXJ0d29y/ay5qcGc.webp","thumbnail_width":300,"thumbnail_height":300}