{"type":"rich","version":"1.0","provider_name":"Transistor","provider_url":"https://transistor.fm","author_name":"Pratidin Ek Kavita","title":"Champa Kale Kale Acchar Nahi Cheenti | Trilochan","html":"<iframe width=\"100%\" height=\"180\" frameborder=\"no\" scrolling=\"no\" seamless src=\"https://share.transistor.fm/e/8dee7391\"></iframe>","width":"100%","height":180,"duration":190,"description":"चंपा काले काले अच्छर नहीं चीन्हती । त्रिलोचन\n\nचंपा काले-काले अच्छर नहीं चीन्हती\nमैं जब पढ़ने लगता हूँ वह आ जाती है\n\nखड़ी-खड़ी चुपचाप सुना करती है\nउसे बड़ा अचरज होता है :\n\nइन काले चिन्हों से कैसे ये सब स्वर\nनिकला करते हैं\n\nचंपा सुंदर की लड़की है\nसुंदर ग्वाला है : गायें-भैंसे रखता है\n\nचंपा चौपायों को लेकर\nचरवाही करने जाती है\n\nचंपा अच्छी है\nचंचल है\n\nन ट ख ट भी है\nकभी-कभी ऊधम करती है\n\nकभी-कभी वह क़लम चुरा देती है\nजैसे तैसे उसे ढूँढ़ कर जब लाता हूँ\n\nपाता हूँ—अब काग़ज़ ग़ायब\nपरेशान फिर हो जाता हूँ\n\nचंपा कहती है :\nतुम कागद ही गोदा करते हो दिन भर\n\nक्या यह काम बहुत अच्छा है\nयह सुनकर मैं हँस देता हूँ\n\nफिर चंपा चुप हो जाती है\nउस दिन चंपा आई, मैंने कहा कि\n\nचंपा, तुम भी पढ़ लो\nहारे गाढ़े काम सरेगा\n\nगांधी बाबा की इच्छा है—\nसब जन पढ़ना-लिखना सीखें\n\nचंपा ने यह कहा कि\nमैं तो नहीं पढ़ूँगी\n\nतुम तो कहते थे गांधी बाबा अच्छे हैं\nवे पढ़ने लिखने की कैसे बात कहेंगे\n\nमैं तो नहीं पढ़ूँगी\nमैंने कहा कि चंपा, पढ़ लेना अच्छा है\n\nब्याह तुम्हारा होगा, तुम गौने जाओगी,\nकुछ दिन बालम संग साथ रह चला जाएगा जब कलकत्ता\n\nबड़ी दूर है वह कलकत्ता\nकैसे उसे सँदेसा दोगी\n\nकैसे उसके पत्र पढ़ोगी\nचंपा पढ़ लेना अच्छा है!\n\nचंपा बोली : तुम कितने झूठे हो, देखा,\nहाय राम, तुम पढ़ लिखकर इतने झूठे हो\n\nमैं तो ब्याह कभी न करूँगी\nऔर कहीं जो ब्याह हो गया\n\nतो मैं अपने बालम को संग साथ रखूँगी\nकलकत्ता मैं कभी न जाने दूँगी\n\nकलकत्ते पर बजर गिरे।","thumbnail_url":"https://img.transistorcdn.com/CI1fAMbZA7bkv2hnc9u5BTEVfgUAS1MWnukNGfD53r4/rs:fill:0:0:1/w:400/h:400/q:60/mb:500000/aHR0cHM6Ly9pbWct/dXBsb2FkLXByb2R1/Y3Rpb24udHJhbnNp/c3Rvci5mbS9zaG93/LzQwNDQzLzE2ODA1/MzYzNTQtYXJ0d29y/ay5qcGc.webp","thumbnail_width":300,"thumbnail_height":300}