{"type":"rich","version":"1.0","provider_name":"Transistor","provider_url":"https://transistor.fm","author_name":"Pratidin Ek Kavita","title":"Ek Aurat Ka Pehla Rajkiya Pravas | Anamika","html":"<iframe width=\"100%\" height=\"180\" frameborder=\"no\" scrolling=\"no\" seamless src=\"https://share.transistor.fm/e/a11fcec1\"></iframe>","width":"100%","height":180,"duration":211,"description":"एक औरत का पहला राजकीय प्रवास | अनामिका \n\nवह होटल के कमरे में दाख़िल हुई!\nअपने अकेलेपन से उसने\nबड़ी गर्मजोशी से हाथ मिलाया।\nकमरे में अंधेरा था।\nघुप्प अंधेरा था कुएँ का\nउसके भीतर भी!\nसारी दीवारें टटोली अंधेरे में,\nलेकिन ‘स्विच’ कहीं नहीं था!\nपूरा खुला था दरवाज़ा,\nबरामदे की रोशनी से ही काम चल रहा था!\nसामने से गुज़रा जो ‘बेयरा’ तो\nआर्त्तभाव से उसे देखा!\nउसने उलझन समझी, और\nबाहर खड़े-ही-खड़े\nदरवाज़ा बंद कर दिया!\nजैसे ही दरवाज़ा बंद हुआ,\nबल्बों में रोशनी के खिल गए सहस्रदल कमल!\n“भला बंद होने से रोशनी का क्या है रिश्ता?”\nउसने सोचा।\nडनलप पर लेटी,\nचटाई चुभी घर की, अंदर कहीं–रीढ़ के भीतर!\nतो क्या एक राजकुमारी ही होती है हर औरत?\nसात गलीचों के भीतर भी\nउसको चुभ जाता है\nकोई मटरदाना आदिम स्मृतियों का?\nपढ़ने को बहुत-कुछ धरा था,\nपर उसने बाँची टेलीफ़ोन तालिका\nऔर जानना चाहा\nअंतरराष्ट्रीय दूरभाष का ठीक-ठीक ख़र्चा।\nफिर, अपनी सब डॉलरें ख़र्च करके\nउसने किए तीन अलग-अलग कॉल!\nसबसे पहले अपने बच्चे से कहा\n“हैलो-हैलो, बेटे\nपैकिंग के वक्त... सूटकेस में ही तुम ऊँघ गए थे कैसे...\nसबसे ज़्यादा याद आ रही है तुम्हारी\nतुम हो मेरे सबसे प्यारे!”\nअंतिम दोनों पंक्तियाँ अलग-अलग उसने कहीं\nआफ़िस में खिन्न बैठे अंट-शंट सोचते अपने प्रिय से\nफिर, चौके में चिंतित, बर्तन खटकाती अपनी माँ से।\n... अब उसकी हुई गिरफ़्तारी।\nपेशी हुई ख़ुदा के सामने\nकि इसी एक ज़ुबाँ से उसने\nतीन-तीन लोगों से कैसे यह कहा\n“सबसे ज़्यादा तुम हो प्यारे !”\nयह तो सरासर है धोखा\nसबसे ज़्यादा माने सबसे ज़्यादा!\nलेकिन, ख़ुदा ने कलम रख दी\nऔर कहा–\n“औरत है, उसने यह ग़लत नहीं कहा!”","thumbnail_url":"https://img.transistorcdn.com/CI1fAMbZA7bkv2hnc9u5BTEVfgUAS1MWnukNGfD53r4/rs:fill:0:0:1/w:400/h:400/q:60/mb:500000/aHR0cHM6Ly9pbWct/dXBsb2FkLXByb2R1/Y3Rpb24udHJhbnNp/c3Rvci5mbS9zaG93/LzQwNDQzLzE2ODA1/MzYzNTQtYXJ0d29y/ay5qcGc.webp","thumbnail_width":300,"thumbnail_height":300}