{"type":"rich","version":"1.0","provider_name":"Transistor","provider_url":"https://transistor.fm","author_name":"Pratidin Ek Kavita","title":"Phoolan Ke Liye Ek Shokgeet | Mrinal Pande","html":"<iframe width=\"100%\" height=\"180\" frameborder=\"no\" scrolling=\"no\" seamless src=\"https://share.transistor.fm/e/a7bc9701\"></iframe>","width":"100%","height":180,"duration":142,"description":" फूलन के लिए एक शोकगीत - मृणाल पाण्डेसिरहाने आहिस्ता बोलेंगे लोग, तेरे नहीं मीर केक्योंकि फूलन, बिना रोए-धोए तू बस टुक से सो गईतेरे सिरहाने पैताने बस अब एक शोर हैनेता, अभिनेता, अंग्रेज़ी में गोद लेकर तुझे फ़ोटोजेनिक बनाने वाले,सबकी वन्स मोर, वन्स मोर हैसिरहाने आहिस्ता बोलेंगे लोग, तेरे नहीं मीर केबीहड़ों के सतर्क साए सरका किए थे लगातार तेरी निगाह मेंघायल शेरनी सी जब तू चहलकदमी किया करे थीकभी अपने को बीस गुना, कभी सौ गुना गिनती हुईख़बरें तेरी बहुत करके अफ़वाह हुआ करती थींकोई वीरानी से वीरानी थी, जिसे तू जिया करती थीअब तो बस हवाईअड्डे पर जो छूट गया ज़माना भर हैबाद तेरे बचे रहने का बहाना करे सो शबाना भर हैमोमिन को कितनी फ़िक्र रहती थी तेरी तूने नहीं जानाकहता था कहां जायेगी शबाना कुछ ठिकाना कर लेसिरहाने आहिस्ता बोलेंगे लोग, तेरे नहीं मीर के, ऐ फूलनतू तो ना रोई, ना धोई, बस टुक से जैसी थी, वैसी ही सो गई","thumbnail_url":"https://img.transistorcdn.com/CI1fAMbZA7bkv2hnc9u5BTEVfgUAS1MWnukNGfD53r4/rs:fill:0:0:1/w:400/h:400/q:60/mb:500000/aHR0cHM6Ly9pbWct/dXBsb2FkLXByb2R1/Y3Rpb24udHJhbnNp/c3Rvci5mbS9zaG93/LzQwNDQzLzE2ODA1/MzYzNTQtYXJ0d29y/ay5qcGc.webp","thumbnail_width":300,"thumbnail_height":300}