{"type":"rich","version":"1.0","provider_name":"Transistor","provider_url":"https://transistor.fm","author_name":"Pratidin Ek Kavita","title":"Kashi Mere Kashi | Aishwarya Tiwari","html":"<iframe width=\"100%\" height=\"180\" frameborder=\"no\" scrolling=\"no\" seamless src=\"https://share.transistor.fm/e/b6034bee\"></iframe>","width":"100%","height":180,"duration":229,"description":"काशी मेरे काशी । ऐश्वर्या तिवारी\n\nमैं निरे शुन्य मैं बैठी \nवो जब आया था तो शुन्य हुए आया था\nहर बार कहता था -\nमैं कुछ नहीं, कोई नहीं मैं।\nहम मिलते\nबैठते कई घंटों\nफिर चले जाते,\nएक दिन मिलते हुए मैंने कहा - साड़ी\nऔर देखा उसे होते हुए बुनकर\nजोड़-तोड़ कर ताना-बाना\nबुनने लगा है साड़ी\nपरखने आ गया है उसे\nधागों की बुनावट का सलीका।\nमैंने कहा सीपियों वाले झुमके\nउसे देखा समन्दर किनारे\nबढ़ गई है उसकी यात्रा\nथोड़ा और सीखने लगा है वो तैराकी\nअब नहीं कहता कि डरता है वो बहते पानी से।\nमैंने जैसे ही कहा भूख\nवो था कहीं किसी खेत की मेड़ पर\nअपना खुरपी कुदाल लिए\nहाँकते हुए बैलों को\nकरते हुए अगले फसल के बुआई की तैयारी।\n\nफिर मैंने जब कहा छाँव\nउसे पेड़ होते पाया;\nखुशबू के सुनते ही\nमुझे उसका गुलाब, मोगरा, शिउली होना याद है।\nमैंने कहा स्पर्श\nऔर मुझे याद है उसका बच्चा होना\n मेरे माथे को चूमना,\nमैंने जब भी कहा दुःख\nउसने गले लगाने में ज़रा देर नहीं की।\nमैंने जैसे ही कहा इंतज़ार\nउसे पहाड़ होना आ गया,\nमेरे सफ़र कहते ही\nबहने लगा वो नदी-सा कल-कल।\nमैं जो-जो कहती गई\nवो सो-सो होता गया\nमैं जो बैठी थी शून्य में\nवो जो कहता था - मैं कुछ नहीं, कोई नहीं हूँ \nइसी तरह एक दिन\nमैं कहूँगी काशी...\nमेरे काशी..\nऔर देखूंगी\nकैसे होता है वो\nअपने आप से मुक्त\nऔर सिमट कर आ जाता है मुझमें\nजैसे दुनिया की नाभि से काटकर\n\nअंतिम बार लाए जाते हैं लोग मणिकर्णिका के घाट पर।\nमेरा कहना और उसका होते जाना\nमेरी इच्छाए और उसकी फ़क़ीरी\nगुँथ जाएगी इस तरह\nकि एक दिन वो कहेगा कुछ\nऔर मैं होती जाउंगी उसके कहे अनुसार\nहम हमारे बन्धन भी हैं\nऔर हम ही हैं हमारी मुक्ति भी।","thumbnail_url":"https://img.transistorcdn.com/CI1fAMbZA7bkv2hnc9u5BTEVfgUAS1MWnukNGfD53r4/rs:fill:0:0:1/w:400/h:400/q:60/mb:500000/aHR0cHM6Ly9pbWct/dXBsb2FkLXByb2R1/Y3Rpb24udHJhbnNp/c3Rvci5mbS9zaG93/LzQwNDQzLzE2ODA1/MzYzNTQtYXJ0d29y/ay5qcGc.webp","thumbnail_width":300,"thumbnail_height":300}