{"type":"rich","version":"1.0","provider_name":"Transistor","provider_url":"https://transistor.fm","author_name":"Pratidin Ek Kavita","title":"Itni Si Azadi | Rupam Mishra","html":"<iframe width=\"100%\" height=\"180\" frameborder=\"no\" scrolling=\"no\" seamless src=\"https://share.transistor.fm/e/b73f36b8\"></iframe>","width":"100%","height":180,"duration":189,"description":"इतनी सी आज़ादी । रूपम मिश्र\n\nचाहती हूँ जब घर-दुवार के सब कामों से छूटूँ तो हर साँझ तुम्हें फोन करूँ\nतुमसे बातें करूँ  देश - दुनिया की \nसेवार- जवार बदलने और न बदलने की \nपेड़ पौधों के नाम से जानी जाती जगहों की \n \nतुमसे ही शोक कर लेती उस दुःख का कि पाट दिए गये गाँव के सभी कुवें ,गड़हे साथी \n\nऔर ढेरवातर पर अब कोई ढेरा का पेड़ नहीं है  \nअब तो चीन्ह में भी नहीं बची बसऊ के बाग और मालदहवा की अमराई की \nराह में चाहकर भी अब कोई नहीं छहाँता\n मौजे, पुरवे विरान लगते हैं \n उनका हेल-मेल अब बस सुधियों में बचा है\nनाली और रास्ते को लेकर मचे गंवई रेन्हे की\n\nअबकी खूब सऊखे अनार के फूलों की \nतितलियाँ कभी -कभी आँगन में भी आ जाती हैं इस अचरज की\n\nगिलहरी , फुदगुईया और एक जोड़ा बुलबुल आँगन में रोज़ आते हैं कपड़े डालने का तार उनका प्रिय अड्डा है\nकुछ नहीं तो जैसे ये कि आज बड़ा चटक घाम हुआ था\nऔर कल अंजोरिया बताशे जैसी छिटकी थी \nतुममें ही नहीं समाती तुम्हारी हँसी की  \n या अपने मिठाई-प्रेम की \n तुम्हारे बढ़ते ही जा रहे वजन की\n जिसकी झूठी चिंता तुम मुझसे गाहे-बगाहे करते रहते हो\nऔर बताती कि नहीं होते हमारे घरों में ऐसे बुजुर्ग कि दिल टूटने पर जिनकी गोद में सिर डाल कर रोया जा सके \nऔर जीवन में घटे प्रेम से इंस्टाग्राम पर हुए प्रेम का ताप ज़रा भी कम नहीं होता साथी , इस सच की \n\nयाद दिलाती तुम्हें कार्तिक में जुते खेतों के सौंदर्य की \nअभिसरित माटी में उतरे पियरहूँ रंग की\n\nऔर बार - बार तुमसे पूछती तुम्हें याद है धरती पर फूल खिलने के दिन आ गये हैं  \n\nइतना ही मिलना हमारे लिए बड़ा सुख होता \nइतनी सी आज़ादी के लिए हम तरसते हैं \nऔर सब कहते हैं अब और कितनी आज़ादी चाहिए ।","thumbnail_url":"https://img.transistorcdn.com/CI1fAMbZA7bkv2hnc9u5BTEVfgUAS1MWnukNGfD53r4/rs:fill:0:0:1/w:400/h:400/q:60/mb:500000/aHR0cHM6Ly9pbWct/dXBsb2FkLXByb2R1/Y3Rpb24udHJhbnNp/c3Rvci5mbS9zaG93/LzQwNDQzLzE2ODA1/MzYzNTQtYXJ0d29y/ay5qcGc.webp","thumbnail_width":300,"thumbnail_height":300}