{"type":"rich","version":"1.0","provider_name":"Transistor","provider_url":"https://transistor.fm","author_name":"Pratidin Ek Kavita","title":"Dhela | Uday Prakash","html":"<iframe width=\"100%\" height=\"180\" frameborder=\"no\" scrolling=\"no\" seamless src=\"https://share.transistor.fm/e/baf1df51\"></iframe>","width":"100%","height":180,"duration":221,"description":"ढेला | उदय प्रकाश \n\nवह था क्या एक ढेला था\nकहीं दूर गाँव-देहात से फिंका चला आया था\nदिल्ली की ओर\nरोता था कड़कड़डूमा, मंगोलपुरी, पटपड़गंज में\nखून के आँसू चुपचाप\nढेले की स्मृति में सिर्फ़ बचपन की घास थी\nजिसका हरापन दिल्ली में हर साल\nऔर हरा होता था\nएक दिन ढेला देख ही लिया गया राजधानी में\nलोग-बाग चौंके कि ये तो कैसा ढेला है।\nकि रोता भी है आदमी लोगों की तरह\nदया भी उपजी कुछ के भीतर\nकुछ ने कहा कैसे क्या तो करें इसका\nनौकरी पर रखें तो क्या पता किसी का\nसर ही फोड़ दे\nज़्यादातर काँच की हैं दीवारें और इतने कीमती\nइलेक्ट्रॉनिक आइटम\nकुछ ने कहा विश्वसनीयता का भी प्रश्न है\nढेले की जात कब किस दिशा को लुढ़क जाए\nक्या पता किसी बारिश में ही घुल जाए\nएक दिन एक लड़की ने पढ़ी ढेले की कविता\nऔर फिर\nआया उसे खुब ज़ोर का रोना\nढेला भीतर से काँपा कि आया उसके भी\nजीवन में प्यार\nआखिरकार\nउस रात उसने रात भर जाग-जागकर लिखी\nएक कविता\nकि दिल्ली में भी है\nदुनिया के सबसे बड़े बैलून से भी ज़्यादा  बड़ा\nएक दिल\nजहाँ एक दिन फिरा करते हैं ढेलों के भी दिन\nलेकिन अगले दिन वह भागा\nऔर फिर भागता ही रहा\nजब लड़की ने अपने प्रेमी से कहा-\n'सँभालकर उठाओ और रख दो इस बेचारे को\nगुड़गाँव के किसी खेत में\nया टिकट देकर चढ़ा दो छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में\nऔर भूल जाओ\nउसी तरह जैसे राजधानी की सड़क पर हर रोज़\nहम भूल जाते हैं कोई- न-कोई\nदहशतनाक दुर्घटना'\nआदमी लोगों, सुनो!\nइस ढेले के भी हैं कुछ विचार\nढेले को भी करनी है बाज़ार में ख़रीदारी\nइस कठिन समय में ढेले का सोचना है\nउसको भी निभानी है कोई भूमिका\nभाई, कोई है ?\nकोई सुनेगा ढेले  का मूल्यवान प्रवचन\nकोई अखबार छापेगा\nलोकतंत्र और मनुष्यता के संकट पर\nढेले  के विचार?\nभाई, कोई है,\nजो उसे उठाये \nउस तरह जिस तरह नहीं उठाया जाता कोई ढेला?","thumbnail_url":"https://img.transistorcdn.com/CI1fAMbZA7bkv2hnc9u5BTEVfgUAS1MWnukNGfD53r4/rs:fill:0:0:1/w:400/h:400/q:60/mb:500000/aHR0cHM6Ly9pbWct/dXBsb2FkLXByb2R1/Y3Rpb24udHJhbnNp/c3Rvci5mbS9zaG93/LzQwNDQzLzE2ODA1/MzYzNTQtYXJ0d29y/ay5qcGc.webp","thumbnail_width":300,"thumbnail_height":300}