{"type":"rich","version":"1.0","provider_name":"Transistor","provider_url":"https://transistor.fm","author_name":"Pratidin Ek Kavita","title":"Saath Ka Hona | Madan Kashyap","html":"<iframe width=\"100%\" height=\"180\" frameborder=\"no\" scrolling=\"no\" seamless src=\"https://share.transistor.fm/e/c5704f42\"></iframe>","width":"100%","height":180,"duration":222,"description":"साठ का होना | मदन कश्यप\n\nतीस साल अपने को सँभालने में\nऔर तीस साल दायित्वों को टालने में कटे\nइस तरह साठ का हुआ मैं\nआदमी के अलावा शायद ही कोई जिनावर इतना जीता होगा\nकद्दावर हाथी भी इतनी उम्र तक नहीं जी पाते\nकुत्ते तो बमुश्किल दस-बारह साल जीते होंगे\nबैल और घोड़े भी बहुत अधिक नहीं जीते\nउन्हें तो काम करते ही देखा है\nहल खींचते-खींचते जल्दी ही बूढ़े हो जाते हैं बैल\nऔर असवार के लगाम खींचने पर\nदो टाँगों पर खड़े हो जाने वाले गठीले घोड़े\nकुछ ही दिनों में खरगीदड़ होकर\nताँगों में जुते दिखते हैं।\nमनुष्यों के दरवाज़ों पर बहुत नहीं दिखते बूढ़े बैल\nजो हल में नहीं जुत सकते\nऔर ऐसे घोड़े तो और भी नहीं\nजो ताँगा नहीं खींच सकते\nमैंने बैलों और घोड़ों को मरते हुए बहुत कम देखा है।\nकहाँ चले जाते हैं बैल और घोड़े\n\nजो आदमी का भार उठाने के काबिल नहीं रह जाते\nकहाँ चली जाती हैं गायें\nजो दूध देना बन्द कर देती हैं।\nहम उन जानवरों के बारे में काफ़ी कम जानते हैं\nजिनसे आदमी के स्वार्थ की पूर्ति नहीं होती\nलेकिन उनके बारे में भी कितना कम जानते हैं\nजिन्हें जोतते दुहते और दुलराते हैं।\nआदमी ज़्यादा से ज़्यादा इसलिए जी पाता है\nक्योंकि बाक़ी जानवर कम से कम जीते हैं\nऔर जो कोई लम्बा जीवन जी लेता है\nउसे कछुआ होना होता है।\nकछुआ बनकर ही तो जिया\nसिमटा रहा कल्पनाओं और विभ्रमों की खोल में\nबेहतर दुनिया के लिए रचने और लड़ने के नाम पर\nबदतर दुनिया को टुकुर-टुकुर देखता रहा चुपचाप\nतभी तो साठपूर्ति के दिन याद आये मुक्तबोध\nजो साठ तक नहीं जी सके थे\nपर सवाल पूछ दिया था :\n'अब तक क्या किया जीवन क्या जिया..'\nख़ुद को बचाने के लिए\nदेखता रहा चुपचाप देश को मरते हुए\nऔर ख़ुद  को भी कहाँ बचा पाया!","thumbnail_url":"https://img.transistorcdn.com/CI1fAMbZA7bkv2hnc9u5BTEVfgUAS1MWnukNGfD53r4/rs:fill:0:0:1/w:400/h:400/q:60/mb:500000/aHR0cHM6Ly9pbWct/dXBsb2FkLXByb2R1/Y3Rpb24udHJhbnNp/c3Rvci5mbS9zaG93/LzQwNDQzLzE2ODA1/MzYzNTQtYXJ0d29y/ay5qcGc.webp","thumbnail_width":300,"thumbnail_height":300}