{"type":"rich","version":"1.0","provider_name":"Transistor","provider_url":"https://transistor.fm","author_name":"Pratidin Ek Kavita","title":"Lok Malhar | Dr Sheoraj Singh 'Bechain'","html":"<iframe width=\"100%\" height=\"180\" frameborder=\"no\" scrolling=\"no\" seamless src=\"https://share.transistor.fm/e/ca37e8d6\"></iframe>","width":"100%","height":180,"duration":271,"description":"लोक मल्हार | डॉ श्योराज सिंह 'बेचैन'सुन बहिना!मेरे जियरबा की बातउदासी मेरे मन बसी।सैंया तलाशें री बहना नौकरीदेवर स्वप्न में फिल्‍मी छोकरी।मेरी बहिना, ननदीतलाशे भरतार, ससुरढूँढे लखपति........मेरी बहिना! मैं ना पढ़ी , नमेरे बालकाशोषण करे हैंमेरे मालिकामोइ न मिल्यौ रीस्वराज ।मेरी बहनागुलामों जैसी जिन्दगी ।सुन बहनामेरे जियरबा की बातउदासी मेरे मन बसीकड़वी, दुखीली,बैरिन रात है।रोटी-रोजी कीउलझन ख़ास है।मेरी बहना ललुआपड़यौ है बीमारनकद माँगे वैद्य जी....करजा में गिरवीखेती बाप की माया है पटवरिया के पाप कीमेरी बहिनापुलिस, वकलिन का मारपड़ी है मोपे बेतुकी मायके रहूं या ससुराल में मैं तो हूँ जैसेमछली जाल मेंमेरी बहना, करकेअमीरी को ढोंग,गरीबी मेरे घर बसी।मेरी बहना मेरे जियरबा की बातसोने की कीमतराशन है गयोस्नेह सुख को सपनोंसपनो ही रह गयौ।मेरी बहना, नैया पड़ी हैमझधार,समूचे मेरे देश की।....मेरी बहना मेरे जियरबा की बातउदासी मेरे मन बसी।।","thumbnail_url":"https://img.transistorcdn.com/CI1fAMbZA7bkv2hnc9u5BTEVfgUAS1MWnukNGfD53r4/rs:fill:0:0:1/w:400/h:400/q:60/mb:500000/aHR0cHM6Ly9pbWct/dXBsb2FkLXByb2R1/Y3Rpb24udHJhbnNp/c3Rvci5mbS9zaG93/LzQwNDQzLzE2ODA1/MzYzNTQtYXJ0d29y/ay5qcGc.webp","thumbnail_width":300,"thumbnail_height":300}