{"type":"rich","version":"1.0","provider_name":"Transistor","provider_url":"https://transistor.fm","author_name":"Pratidin Ek Kavita","title":"Humare Sheher Ki Streeyan | Anup Sethi ","html":"<iframe width=\"100%\" height=\"180\" frameborder=\"no\" scrolling=\"no\" seamless src=\"https://share.transistor.fm/e/ca825da9\"></iframe>","width":"100%","height":180,"duration":189,"description":"हमारे शहर की स्त्रियाँ | अनूप सेठी\n\nएक साथ कई स्त्रियाँ बस में चढ़ती हैं\nएक हाथ से संतुलन बनाए\n\nएक हाथ में रुपए का सिक्का थामे\nबिना धक्का खाए काम पर पहुँचना है उन्हें\n\nदिन भर जुटे रहना है उन्हें\nटाइप मशीन पर, फ़ाइलों में\n\nसाढ़े तीन पर रंजना सावंत ज़रा विचलित होंगी\nदफ़्तर से तीस मील दूर सात साल का अशोक सावंत\n\nस्कूल से लौट रहा है गर्मी से लाल हुआ\nपड़ोसिन से चाबी लेकर घर में घुस जाएगा\n\nरंजना सावंत उँगलियाँ चटका कर घर से तीस मील दूर\nटाइप मशीन की खटपट में खो जाएँगी\n\nवह नहीं सुनेंगी सड़ियल बॉस की खटर-पटर।\nमंजरी पंडित लौटते हुए वी.टी. पर लोकल में चढ़ नहीं पाएँगी\n\nधरती घूमेगी ग़श खाकर गिरेंगी\nलोग घेरेंगे दो मिनट\n\nकोई सिद्ध समाज सेविका पानी पिलाएगी\nमंजरी उठ खड़ी होंगी\n\nरक्त की कमी है छाती में ज़िंदगी जमी है\nसाँस लेना है अकेली संतान होने का माँ-बाप को मोल देना है\n\nएक साथ कई स्त्रियाँ बस में चढ़ती हैं\nएक हाथ से संतुलन बनाए\n\nछाती से सब्ज़ी का थैला सटाए\nबिना धक्का खाए घर पहुँचना है उन्हें\n\nबंद घरों में बत्तियाँ जले रहने तक डटे रहना है\nअँधेरे में और सपने में खटना है\n\nनल के साथ जगना है हर जगह ख़ुद को भरना है\nचल पड़ना है एक हाथ से संतुलन बनाए\n\nरोज़ सुबह वी.टी. चर्चगेट पर ढेर गाड़ियाँ ख़ाली होती हैं\nरोज़ शाम को वहीं से लद कर जाती हैं\n\nबहुत सारे पुरुष भी इन्हीं गाड़ियों से आते-जाते हैं\nउपनगरों में जाकर सारे पुरुष दूसरी दुनिया में ओझल हो जाते हैं\n\nवे समय और सुविधा से सिक्के, सब्ज़ियाँ और देहें देखते हैं\nसारी स्त्रियाँ किसी दूसरी ही दुनिया में रहती हैं\n\nकिसी को भी नहीं दिखतीं स्त्रियाँ।","thumbnail_url":"https://img.transistorcdn.com/CI1fAMbZA7bkv2hnc9u5BTEVfgUAS1MWnukNGfD53r4/rs:fill:0:0:1/w:400/h:400/q:60/mb:500000/aHR0cHM6Ly9pbWct/dXBsb2FkLXByb2R1/Y3Rpb24udHJhbnNp/c3Rvci5mbS9zaG93/LzQwNDQzLzE2ODA1/MzYzNTQtYXJ0d29y/ay5qcGc.webp","thumbnail_width":300,"thumbnail_height":300}