{"type":"rich","version":"1.0","provider_name":"Transistor","provider_url":"https://transistor.fm","author_name":"Pratidin Ek Kavita","title":"Kaala | Koduram Dalit","html":"<iframe width=\"100%\" height=\"180\" frameborder=\"no\" scrolling=\"no\" seamless src=\"https://share.transistor.fm/e/dc20a041\"></iframe>","width":"100%","height":180,"duration":198,"description":"काला | कोदूराम दलितकाला अच्छा है, काले में है अच्छाईदुनियावालों! काले की मत करो बुराईसुनो ध्यान से काले की गुणभरी कहानीबड़ी चटपटी, बड़ी अटपटी, बड़ी सुहानीप्रथम पूज्य है जो गणेश जग में जन-जन कावह है काला मैल, मातु के तन कागोरस काली गैया का अच्छा होता हैपूजन काली मैया का अच्छा होता हैचार किसम के बादल आसमान में छातेलेकिन काले बादल ही जल बरसा जातेकाली कोयल की मधुर वाणी मन हरतीअधिक अन्न पैदा करती है काली धरतीकाले उड़दों से ही तो हम बड़े बनातेस्वर्ग-लोक से जिन्हें पितरगण खाने आतेकाली लैला की महिमा मजनू से पूछोकाली रातों की गरिमा जुगनू से पूछोसकल करम केवल काली रातों में होताराम-राम रटता काले पिंजरे में तोताबनता हीरे जैसा रतन, कोयला कालाकाला लोहा है मनुष्य का मित्र निरालाकाली स्लेट, पेंसिल काली, तख़्ता कालापाता है इंसान इसी से ज्ञान-उजालापाल रही परिवार अनगिनित काली स्याहीकम है, इसकी जितनी भी की जाय बड़ाईकर काला-बाजार कमा लो कस कर पैसाबैलों से बेहतर होता है काला भैंसाकाला कोट कचहरी में शुभ माना जाताकानून-बाज़ इसी पर से पहचाना जाताकाले की खूबियाँ विशेष जानना चाहोतो चाणक्य-चरित्र एक बार पढ़ जाओकाले कंचन बाल और आँखें कजरारीपाती है इनको, क़िस्मत वाली ही नारीबुढ़िया-बुढ़ऊ भी तो नित्य खिजाब लगातेकाले बाल बताओ किसको नहीं सुहातेगोरे गालों पर काला तिल खूब दमकताकाले धब्बे वाला चम-चम चाँद चमकताकाला ही था रचने वाला पावन गीताबिन खटपट के काले ने गोरे को जीताकरो प्रणाम सदा काली कमली वाले कोबुरा न कहना कभी भूल कर भी काले को","thumbnail_url":"https://img.transistorcdn.com/CI1fAMbZA7bkv2hnc9u5BTEVfgUAS1MWnukNGfD53r4/rs:fill:0:0:1/w:400/h:400/q:60/mb:500000/aHR0cHM6Ly9pbWct/dXBsb2FkLXByb2R1/Y3Rpb24udHJhbnNp/c3Rvci5mbS9zaG93/LzQwNDQzLzE2ODA1/MzYzNTQtYXJ0d29y/ay5qcGc.webp","thumbnail_width":300,"thumbnail_height":300}