{"type":"rich","version":"1.0","provider_name":"Transistor","provider_url":"https://transistor.fm","author_name":"Pratidin Ek Kavita","title":"Ye Baat Samajh Me Aayi Nahi | Ahmed Hatib Siddiqui","html":"<iframe width=\"100%\" height=\"180\" frameborder=\"no\" scrolling=\"no\" seamless src=\"https://share.transistor.fm/e/e22e443d\"></iframe>","width":"100%","height":180,"duration":203,"description":"ये बात समझ में आई नहीं | अहमद हातिब सिद्दीक़ी \n\nये बात समझ में आई नहीं \nऔर अम्मी ने समझाई नहीं \nमें कैसे मीठी बात करूँ \nजब मैं ने मिठाई खाई नहीं \nआपी भी पकाती हैं हलवा \nफिर वो भी क्यूँ हलवाई नहीं \nये बात समझ में आई नहीं \nऔर अम्मी ने समझाई नहीं \nनानी के मियाँ तो नाना हैं \nदादी के मियाँ भी दादा हैं \nजब आपा से मैं ने ये पूछा \nबाजी के मियाँ क्या बाजा हैं \nवो हँस हँस कर ये कहने लगीं \nऐ भाई नहीं ऐ भाई नहीं \nये बात समझ में आई नहीं \nऔर अम्मी ने समझाई नहीं \nजब नया महीना आता है तो \nबिजली का बिल आ जाता है \nहालाँकि बादल बेचारा \nये बिजली मुफ़्त बनाता है \nफिर हम ने अपने घर बिजली \nबादल से क्यूँ लगवाई नहीं \nये बात समझ में आई नहीं \nऔर अम्मी ने समझाई नहीं \nगर बिल्ली शेर की ख़ाला है \nतो हम ने उसे क्यूँ पाला है \nक्या शेर बहुत नालायक़ है \nख़ाला को मार निकाला है \nया जंगल के राजा के हाँ \nक्या मिलती दूध मिलाई नहीं \nये बात समझ में आई नहीं \nऔर अम्मी ने समझाई नहीं \nक्यूँ लम्बे बाल हैं भालू के \nक्यूँ उस की टुंड कराई नहीं \nक्या वो भी गंदा बच्चा है \nया उस के अब्बू भाई नहीं \nये उस का हेयर स्टाइल है \nया जंगल में कोई नाई नहीं \nये बात समझ में आई नहीं \nऔर अम्मी ने समझाई नहीं \nजो तारे झिलमिल करते हैं \nक्या उन की चच्ची ताई नहीं \nहोगा कोई रिश्ता सूरज से \nये बात हमें बतलाई नहीं \nये चंदा कैसा मामा है \nजब अम्मी का वो भाई नहीं \nये बात समझ में आई नहीं \nऔर अम्मी ने समझाई नहीं ","thumbnail_url":"https://img.transistorcdn.com/CI1fAMbZA7bkv2hnc9u5BTEVfgUAS1MWnukNGfD53r4/rs:fill:0:0:1/w:400/h:400/q:60/mb:500000/aHR0cHM6Ly9pbWct/dXBsb2FkLXByb2R1/Y3Rpb24udHJhbnNp/c3Rvci5mbS9zaG93/LzQwNDQzLzE2ODA1/MzYzNTQtYXJ0d29y/ay5qcGc.webp","thumbnail_width":300,"thumbnail_height":300}