{"type":"rich","version":"1.0","provider_name":"Transistor","provider_url":"https://transistor.fm","author_name":"Pratidin Ek Kavita","title":"Atmaparichay | Harivansh Rai Bachchan","html":"<iframe width=\"100%\" height=\"180\" frameborder=\"no\" scrolling=\"no\" seamless src=\"https://share.transistor.fm/e/e65a03c5\"></iframe>","width":"100%","height":180,"duration":222,"description":"आत्मपरिचय। हरिवंशराय बच्चन\n\nमैं जग-जीवन का भार लिए फिरता हूँ,\nफिर भी जीवन में प्यार लिए फिरता हूँ;\n\nकर दिया किसी ने झंकृत जिनको छूकर\nमैं साँसों के दो तार लिए फिरता हूँ!\n\nमैं स्नेह-सूरा का पान किया करता हूँ,\nमैं कभी न जग का ध्यान किया करता हूँ,\n\nजग पूछ रहा उनको,जो जग की गाते,\nमैं अपने मन का गान किया करता हूँ!\n\nमैं निज उर के उद्गार लिए फिरता हूँ,\nमैं निज उर के उपहार लिए फिरता हूँ;\n\nहै यह अपूर्ण संसार न मुझको भाता\nमैं स्वप्नों का संसार लिए फिरता हूँ!\n\nमैं जला ह्रदय में अग्नि दहा करता हूँ,\nसुख-दुख दोनों में मग्न रहा करता हूँ;\n\nजग भव-सागर तरने को नाव बनाए,\nमैं भव मौजों पर मस्त बहा करता हूँ!\n\nमैं यौवन का उन्माद लिए फिरता हूँ,\nउन्मादों में अवसाद लिए फिरता हूँ,\n\nजो मुझको बाहर हँसा, रुलाती भीतर,\nमैं, हाय, किसी की याद लिए फिरता हूँ!\n\nकर यत्न मिटे सब,सत्य किसी ने जाना?\nनादान वहीं है,हाय,जहाँ पर दाना!\n\nफिर मूढ़ न क्या जग, जो इस पर भी सीखे?\nमैं सीख रहा हूँ, सीखा ज्ञान भुलाना!\n\nमैं और, और जग और, कहाँ का नाता,\nमैं बना-बना कितने जग रोज़ मिटाता;\n\nजग जिस पृथ्वी पर जोड़ा करता वैभव,\nमैं प्रति पग से उस पृथ्वी को ठुकराता!\n\nमैं निज रोदन में राग लिए फिरता हूँ,\nशीतल वाणी में आग लिए फिरता हूँ,\n\nहों जिस पर भूषों के प्रसाद निछावर,\nमैं वह खंडहर का भाग लिए फिरता हूँ।\n\nमैं रोया, इसको तुम कहते हो गाना,\nमैं फूट पड़ा, तुम कहते, छंद बनाना;\n\nक्यों कवि कहकर संसार मुझे अपनाए,\nमैं दुनिया का हूँ एक नया दीवाना!\n\nमैं दीवानों का वेश लिए फिरता हूँ,\nमैं मादकता नि:शेष लिए फिरता हूँ;\n\nजिसको सुनकर जग झूम, झुके, लहराए,\nमैं मस्ती का संदेश लिए फिरता हूँ!","thumbnail_url":"https://img.transistorcdn.com/CI1fAMbZA7bkv2hnc9u5BTEVfgUAS1MWnukNGfD53r4/rs:fill:0:0:1/w:400/h:400/q:60/mb:500000/aHR0cHM6Ly9pbWct/dXBsb2FkLXByb2R1/Y3Rpb24udHJhbnNp/c3Rvci5mbS9zaG93/LzQwNDQzLzE2ODA1/MzYzNTQtYXJ0d29y/ay5qcGc.webp","thumbnail_width":300,"thumbnail_height":300}