{"type":"rich","version":"1.0","provider_name":"Transistor","provider_url":"https://transistor.fm","author_name":"Pratidin Ek Kavita","title":"Sapne | Shivam Chaubey","html":"<iframe width=\"100%\" height=\"180\" frameborder=\"no\" scrolling=\"no\" seamless src=\"https://share.transistor.fm/e/f2d27910\"></iframe>","width":"100%","height":180,"duration":204,"description":"सपने | शिवम चौबे \n\nरिक्शे वाले सवारियों के सपने देखते हैं\nसवारियाँ गंतव्य के\nदुकानदार के सपने में ग्राहक ही आएं ये ज़रूरी नहीं\nमॉल भी आ सकते हैं\nछोटे व्यापारी पूंजीपतियों के सपने देखते हैं।\nपूंजीपति प्रधानमंत्री के सपने देखता है\nप्रधानमंत्री के सपने में सम्भव है जनता न आये\nआम आदमी अच्छे दिन के स्वप्न देखता है।\nपिता देखते हैं अपना घर होने का सपना\nमाँ के सपने में आती है अच्छी नींद\nहर व्यक्ति अपनी जगह से आगे बढ़कर देखता है।\nमल्लाह नदियों के सपने देखते हैं।\nनदियों के स्वप्न में मछलियां नहीं समुद्र आता है\nपौधों के सपने में पेड़\nपेड़ों को शायद ही आते हों पलंग और कुर्सी के स्वप्न\nकैदी देखते हैं आज़ादी के सपने\nचिड़ियों के सपने में होता है आसमान\nसपने आने और सपने देखने में फ़र्क होता है\nआये हुए सपने डर के सपने होते हैं।\nदेखे गए सपने सुंदर इच्छाओं के\nमैंने देखा था तुम्हारे साथ जीवन का सपना\nमेरे सपने में आते हैं तुम्हारे छूटे हुए हाथ \nबच्चों को आते हैं सबसे सुंदर सपने\nबूढ़ों के सपनों में घटता है जीवन\nक्रांतिकारी देखते हैं संघर्ष और प्रेम के स्वप्न\nकवि के सपने में सम्पादक और पुरस्कार ही आएं ऐसा कहाँ लिखा\nउनको दुनिया भर के सपने आते होंगे\nबीते हुए कल और आने वाले कल के सपने\nजैसे नदी की सीमा में पानी होता है\nनींद की सीमा में होते हैं सपने\nसूख जाती है जिनकी नदी\nउनको कहाँ ही आते हैं सपने।","thumbnail_url":"https://img.transistorcdn.com/CI1fAMbZA7bkv2hnc9u5BTEVfgUAS1MWnukNGfD53r4/rs:fill:0:0:1/w:400/h:400/q:60/mb:500000/aHR0cHM6Ly9pbWct/dXBsb2FkLXByb2R1/Y3Rpb24udHJhbnNp/c3Rvci5mbS9zaG93/LzQwNDQzLzE2ODA1/MzYzNTQtYXJ0d29y/ay5qcGc.webp","thumbnail_width":300,"thumbnail_height":300}