फूल खिल कर रहेंगे । विष्णु नागर तुमने पत्थर बोए तो पत्थर ही उगे लेकिन पत्थरों ने अपने ऊपर मिट्टी जमने नहीं दिया हवा से नमी खींच ली पौधे उगने बढ़ने लगे पौधों ने फूल उगाए फूलों ने ख़ुशबू बिखेरे रंगों की बहार ला दी पत्थर भी महकने लगे पत्थरों ने पत्थर लगने से इन्कार कर दिया तुमने पत्थरों पर बेवफ़ाई का आरोप लगाया जवाब में पत्थरों ने और ख़ुशबू और रंग बिखेर दिए तुम कुछ भी बोओ फूल खिल कर रहेंगे तुम उन्हें कितना ही तोड़ो उजाड़ो वे उग कर रहेंगे वे महक कर रहेंगे रंग बिखेर कर रहेंगे तुम मिट्टी से लड़ नहीं सकते जो पत्थरों को भी अपना घर बना लेती है