घर की बातें । श्रद्धा उपाध्याय घर की बातें घर में नहीं रहनी चाहिए घर की बातें सड़कों पर होनी चाहिए रास्तों पर बेघर लोगों के साथ सोना चाहिए घर की बातों को घर की बातों को मोर्चा लेकर निकलना चाहिए शहर में पोस्टरों पर लिखी जानी चाहिए घर की बातें घर की बातें पढ़ी जानी चाहिए अख़बारों पर और फिर उन बातों पर भेल पूरी रख कर खाना चाहिए बना कर पतंग घर की बातों को आकाश में उड़ा देना चाहिए