विश्वास बढ़ता ही गया । शिवमंगल सिंह सुमन पथ की सरलता देखकर दो-चार डग जब बढ़ गया तब दृष्टि-पथ के सामने आकर हिमालय अड़ गया। पथ के अथक अभ्यास पर विश्वास बढ़ता ही गया।