मृत घोषित | अंकिता आनंद उसके आख़िरी दिनों में कभी टूथपेस्ट के ट्यूब को दो टुकड़ों में काटा हो, तो तुमने देखा होगा कितना कुछ बचा रह जाता है तब भी जब लगता है सब ख़त्म हो गया। ज़िंदगी का कितना बड़ा टुकड़ा अक्सर फ़ेंक दिया जाता है उसे मरा समझ।