राग भटियाली | कुँवर नारायण एक राग है भटियाली बाउल संगीत से जुड़ा हुआ अंतिम स्वर को खुला छोड़ दिया जाता है वायुमंडल में लहराता हुआ जैसे संपूर्ण जीवन राग से युक्त हुई एक ध्वनि अनंत में विलीन हो गई... वह शेष स्वरों को बाँधता नहीं इसलिए अंत में भी उनसे बँधता नहीं, अंतिम आह जैसा कुछ एक अजीब तरह की मुक्ति का एहसास देता है वह...