Pratidin Ek Kavita

बच्चों की चित्रकला प्रतियोगिता

उन्होंने बनाए बहुत नीले आसमान फिर सूरज चाँद और सितारों को अलग अलग जगह रखा!

पेड़ इतने हरे बनाए उन्होंने 
जितना हरा उन्हें होना चाहिए
या जितने हरे रहे होंगे वे 
कभी हमारी धरती पर !
फिर पहाड़ों, नदियों और झरनों को उन्होंने अलग-अलग जगह रखा!

उन्होंने मकान, सड़कें और पुल भी बनाए 
जिन्हें ईश्वर ने भी नहीं बनाया था कभी फिर उन्होंने बनाई बसें, स्कूटर और कारें 
साइकिल चलाते और पैदल चलते
लोग भी बनाए उन्होंने!

चीज़ों को बनाते चले जाने के उत्साह में 
इतना ज़्यादा भर गया चित्र
कि गेंद को रखने की कोई जगह ही
नहीं बची चित्र में
तब समझ आया उन्हें
कि बड़ों ने कैसी-कैसी गलतियाँ की हैं इस दुनिया को बनाने में!


What is Pratidin Ek Kavita?

कवितायेँ जहाँ जी चाहे वहाँ रहती हैं- कभी नीले आसमान में, कभी बंद खिड़कियों वाली संकरी गली में, कभी पंछियों के रंगीन परों पर उड़ती हैं कविताएँ, तो कभी सड़क के पत्थरों के बीच यूँ ही उग आती हैं। कविता के अलग अलग रूपों को समर्पित है, हमारी पॉडकास्ट शृंखला - प्रतिदिन एक कविता। कीजिये एक नई कविता के साथ अपने हर दिन की शुरुआत।