इच्छा | शुभा मैं चाहती हूँ कुछ अव्यवहारिक लोग एक गोष्ठी करें कि समस्याओं को कैसे बचाया जाए उन्हें जन्म लेने दिया जाए वे अपना पूरा क़द पाएँ वे खड़ी हों और दिखाई दें उनकी एक भाषा हो और कोई उन्हें सुने