दृश्य और बिम्ब। राजेश जोशी एक सिनेमा घर के सामने छूटी हुई जगह में एक नए मॉडल की चमचमाती कार एक विकलांग बच्चे को डरा रही है कार धीरे धीरे आगे सरक रही है और डरता, घबराता, गिरता पड़ता उल्टे पाँव दौड़ने की कोशिश कर रहा है बच्चा ड्राइवर मुस्कुरा रहा है और आसपास खड़े तमाशबीन अंदर ही अंदर डर रहे हैं तरस खा रहे हैं पर हँस रहे हैं। यह एक दृश्य है जो हमारे समय के बिम्ब में बदल रहा है ।