दीवार/ ज़्बीग्न्येव हेर्बेर्त अनुवादक आग्नयेष्का कूच्क्येविच-फ़्राश और कुँवर नारायण हम सब दीवार से लगकर खड़े हैं। हमारी जवानी क़ैदियों की क़मीज़ की तरह उतरवा ली गई हैं। हम प्रतीक्षा कर रहे हैं। एक चिपचिपी गोली गुद्दी पर लगने से पहले दस-बीस वर्ष गुज़र रहे। दीवार ऊँची और मज़बूत है। दीवार के पीछे एक पेड़ है और एक सितारा। पेड़ की जड़ें दीवार के नीचे धँस कर उसे फोड़ रहीं। सितारा पत्थर को एक चूहे की तरह कुतर रहा। सौ-दो सौ साल में एक छोटा-सा झरोखा बन जाएगा।