प्रश्न | कुँवार नारायण तारों की अंध गलियों में गूँजता हुआ उद्दंड उपहास... वह मेरा प्रश्न है विशाल आडंबर, अभी चुभती दृष्टि की गर्म खोज में मैंने प्रश्नाहत जिस विराट हिमपुरुष को गलते हुए देखा... क्या वह तेरा उत्तर था?