Pratidin Ek Kavita

याद रखना | शैलजा पाठक 

याद रखना
वह कहेंगे :

कम बोलो
कम खाओ

कम सजो
कम घूमो

कम हँसो
कम खिलखिलाओ

कम बनाओ दोस्त
कम करो सपने

कम हो
रहो कम

मेरी दोस्त!
तुम कम सुनना...


What is Pratidin Ek Kavita?

कवितायेँ जहाँ जी चाहे वहाँ रहती हैं- कभी नीले आसमान में, कभी बंद खिड़कियों वाली संकरी गली में, कभी पंछियों के रंगीन परों पर उड़ती हैं कविताएँ, तो कभी सड़क के पत्थरों के बीच यूँ ही उग आती हैं। कविता के अलग अलग रूपों को समर्पित है, हमारी पॉडकास्ट शृंखला - प्रतिदिन एक कविता। कीजिये एक नई कविता के साथ अपने हर दिन की शुरुआत।

याद रखना | शैलजा पाठक

याद रखना
वह कहेंगे :

कम बोलो
कम खाओ

कम सजो
कम घूमो

कम हँसो
कम खिलखिलाओ

कम बनाओ दोस्त
कम करो सपने

कम हो
रहो कम

मेरी दोस्त!
तुम कम सुनना...