Pratidin Ek Kavita

सभी पेड़ इक फूल हैं।  अनुराग तिवारी 

सभी पेड़ इक फूल हैं 
जो प्रेम में दिए गए
उपहार हैं।
जिसे दिया होगा
एक प्रेमिका के रूप में
पृथ्वी ने
हाथ बढ़ा कर
अपने प्रेमी
आकाश को!
सभी नदियां इक लम्बा खत हैं
जिसे लिखा होगा
इस छोर की प्रेमिका ने
उस छोर के प्रेमी को
सुनो,
जो तुम फूलों को काट रहे हो
इस संवेदनहीन होती दुनिया में
प्रेम के लिए बढ़े हाथ को
काट रहे हो..
कभी क्षमा नहीं किए जाओगे!

What is Pratidin Ek Kavita?

कवितायेँ जहाँ जी चाहे वहाँ रहती हैं- कभी नीले आसमान में, कभी बंद खिड़कियों वाली संकरी गली में, कभी पंछियों के रंगीन परों पर उड़ती हैं कविताएँ, तो कभी सड़क के पत्थरों के बीच यूँ ही उग आती हैं। कविता के अलग अलग रूपों को समर्पित है, हमारी पॉडकास्ट शृंखला - प्रतिदिन एक कविता। कीजिये एक नई कविता के साथ अपने हर दिन की शुरुआत।

सभी पेड़ इक फूल हैं । अनुराग तिवारी

सभी पेड़ इक फूल हैं
जो प्रेम में दिए गए
उपहार हैं।
जिसे दिया होगा
एक प्रेमिका के रूप में
पृथ्वी ने
हाथ बढ़ा कर
अपने प्रेमी
आकाश को!
सभी नदियां इक लम्बा खत हैं
जिसे लिखा होगा
इस छोर की प्रेमिका ने
उस छोर के प्रेमी को
सुनो,
जो तुम फूलों को काट रहे हो
इस संवेदनहीन होती दुनिया में
प्रेम के लिए बढ़े हाथ को
काट रहे हो..
कभी क्षमा नहीं किए जाओगे!