Pratidin Ek Kavita

किताबें । लक्ष्मीकांत मुकुल

कितनी रहस्य भरी है किताबों की दुनिया

पन्नों के बीच दबे मोर-पंख
याद दिलाते हैं बचपन के कच्चे प्यार

उनके लिखित उतरते जाते हैं हौले से
आत्मा की गहवर में

उसके विस्तृत फैलाव में गुम हो जाती है
हमारी कूप मंडुकता!

What is Pratidin Ek Kavita?

कवितायेँ जहाँ जी चाहे वहाँ रहती हैं- कभी नीले आसमान में, कभी बंद खिड़कियों वाली संकरी गली में, कभी पंछियों के रंगीन परों पर उड़ती हैं कविताएँ, तो कभी सड़क के पत्थरों के बीच यूँ ही उग आती हैं। कविता के अलग अलग रूपों को समर्पित है, हमारी पॉडकास्ट शृंखला - प्रतिदिन एक कविता। कीजिये एक नई कविता के साथ अपने हर दिन की शुरुआत।

किताबें । लक्ष्मीकांत मुकुल

कितनी रहस्य भरी है किताबों की दुनिया

पन्नों के बीच दबे मोर-पंख
याद दिलाते हैं बचपन के कच्चे प्यार

उनके लिखित उतरते जाते हैं हौले से
आत्मा की गहवर में

उसके विस्तृत फैलाव में गुम हो जाती है
हमारी कूप मंडुकता!